CGST-SGST या IGST? GST number वाला बिल, और माल दूसरी जगह
Basic, Silver और Gold edition में।इस video में देखेंगे — किस बिल पर CGST और SGST लगता है, और किस पर IGST। GST number वाले ग्राहक का बिल। और माल किसी दूसरी जगह भेजना हो, तो बिल कैसे बनता है।

sale बिल खोलिए। Document वाले हिस्से में ऊपर लिखा रहता है — intra-state, यानी CGST और SGST। ग्राहक आपके ही state का है, तो यही लगता है।

अब ऐसा ग्राहक चुनते हैं जिसके पास GST number है। नाम के बगल में उसका GST number और state दिखने लगता है।

GST number वाले ग्राहक का बिल B2B कहलाता है। ये GSTR-1 में अलग हिस्से में जाता है, और ग्राहक इस बिल पर अपना input credit ले सकता है।

अब दूसरे state का ग्राहक चुनिए। ऊपर लिखा बदलकर inter-state हो जाता है।

और नीचे total में CGST और SGST की जगह अब IGST लगता है। ये आपको कुछ चुनना नहीं पड़ता — software ग्राहक के state से ख़ुद तय करता है।

इसीलिए customer master में हर ग्राहक का state सही भरना ज़रूरी है। state गलत, तो tax भी गलत लगेगा।

कोई ग्राहक master में नहीं है, पर बिल पर उसका नाम-पता चाहिए? customer का खाना खाली छोड़िए, और Walk-in details दबाइए।

यहाँ नाम, पता, phone, GST number और state भरिए। ये सिर्फ़ इसी बिल पर छपते हैं — कोई नया खाता नहीं बनता।

walk-in ग्राहक दूसरे state का हो, तो यहाँ उसका state चुनिए — बिल पर IGST लग जाएगा। और walk-in का GST number भरा, तो ये बिल भी B2B गिना जाता है।

अब माल कहीं और भेजना है — ग्राहक की site, godown या branch पर? दाईं तरफ़ Ship to में, Different consignee दबाइए।

माल लेने वाले का नाम, phone, पता, और GST number भरिए। ये बिल के Consignee वाले box में छपता है।

ध्यान रहे — Place of supply फिर भी बिल वाले ग्राहक के state से ही तय होती है, consignee के state से नहीं।

वापस एक ही पते पर — Same as billing party दबाइए।

छपे हुए बिल पर ऊपर Place of supply लिखा रहता है, और नीचे दो box — बिल किसके नाम, और माल किसे गया।

बस। state सही, GST number सही — tax का बाकी हिसाब software ख़ुद करता है।
